नव वर्ष पर पहली कविता
हिन्द-युग्म ने लेखकों, चित्रकारों, फ़ोटोग्राफ़रों आदि से नववर्ष पर उनके विचार माँगे थे। सबसे पहली कविता के रूप में हमें कवयित्री महक की कविता प्राप्त हुई है। एक-एक करके हम अन्य रचनाएँ प्रकाशित करेंगे।
शीर्षक - नयी दिशा,नयी उड़ान
कवि का नाम -महक
जीवन का एक और पन्ना पलट गया
अगला अध्याय लेकर आया, एक और साल नया
पिछला जो अच्छा है ,उसको साथ लेकर चलना
पिछला जो बुरा था, उसको नये साल में भूलना
नये सपनों के साथ हो तेरी नयी उमंगे
जीवन डोर वही पुरानी पर उड़ाओ नयी पतंगे
करके अपना बुलंद हौसला, आगे तुम राही बढ़ना
पिछली ग़लतिया ना दोहराए, उनसे सबक सिखना
जीवन में तूफ़ानो का सामना नयी हिम्मत से करना
खुद को कर मजबूत इतना, मुश्किलो से ना डरना
जीवन है अथांग सागर , सदैव इस में बहाना है
तेरी कश्ती को साहिलोपे,तुझे खुद संभालना है
प्रेमभाव, आदर, भक्ति, विश्वास पर सदा अटल रहना
किसीको बुरा लागे कभी, कोई अपशब्द ना कहना
ख्वाहिश और कोशिश की गठरी सदा संग रखना
अब गुजरा साल बीत गया,चढनी है नयी चढ़ान
एक नये क्षितिज की और तुम्हें है उड़ना
एक नयी दिशा में लेकर एक नयी उड़ान








































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7 पाठकों का कहना है :
एक नये क्षितिज की और तुम्हें है उड़ना
एक नयी दिशा में लेकर एक नयी उड़ान
बहुत अच्छी सोच महक, यही है नए साल का सन्देश बधाई
महक जी,
बहुत अच्छी रचना है आपकी नव वर्ष पर। आपको नूतन वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें।
*** राजीव रंजन प्रसाद
महक जी
नव वर्ष पर आपने बहुत अच्छा लिखा है । इसीप्रकार लिखती रहो । नव वर्ष की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ
Success is not the key to happiness.
Happiness is the key to success.
If you love what you are doing, you will be happy and successful ...
Have a Successful Year ahead!!!
WISH U A VERY HAPPY & A PROSPEROUS NEW YEAR
एक नये क्षितिज की और तुम्हें है उड़ना
एक नयी दिशा में लेकर एक नयी उड़ान
महक जी , बड़ी हीं आशावान कविता है आपकी। हदय का रोम-रोम उम्मीदों से भर गया है। बस कुछ शिल्प संभालिये। कथ्य में कोई कमी नहीं।
नववर्ष की आपको ढेर सारी शुभकामनाएँ।
-विश्व दीपक 'तन्हा'
महक जी बहुत ही अच्छी सोंच
जीवन है अथांग सागर , सदैव इस में बहाना है
तेरी कश्ती को साहिलोपे,तुझे खुद संभालना है
बहुत बहुत बधाई
आलोक सिंह "साहिल"
महक,
कविता में आप के भाव अच्छे हैं.
पदों की रचना पर और ध्यान दें.
दो-तीन बार पढ़ कर देखें, कविता में शब्दों का कहाँ बैलेंस नहीं हो रहा आप को ख़ुद पता चल जाएगा.
अच्छा प्रयास है.लिखती रहिये.
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