tag:blogger.com,1999:blog-30371899.post3164555226728212145..comments2008-03-28T10:02:16.526+05:30Comments on हिन्द-युग्म: बोलो जय जय हिन्दुस्ताननियंत्रक । Adminhttp://www.blogger.com/profile/02514011417882102182noreply@blogger.comBlogger10125tag:blogger.com,1999:blog-30371899.post-9751310609006554572008-03-28T10:02:00.000+05:302008-03-28T10:02:00.000+05:30देश भक्ति से ओत प्रोत कविता ,अच्छी लगी ....सीमा सच...देश भक्ति से ओत प्रोत कविता ,अच्छी लगी ....सीमा सचदेवseema sachdevahttp://www.blogger.com/profile/15533434551981989302noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-30371899.post-61582715811438512102008-03-26T18:23:00.000+05:302008-03-26T18:23:00.000+05:30कदम-ताल तो करना सीखो, दुनिया ही घर-आँगन हैसात समंद...कदम-ताल तो करना सीखो, दुनिया ही घर-आँगन है<BR/>सात समंदर पार भी देखो, कितने सारे मधुवन हैं<BR/><BR/>ैैइस पंक्ति का रूझान बाकी कविता के मूलस्वर से अलग दिख पड़ता है।RAVI KANThttp://www.blogger.com/profile/07664160978044742865noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-30371899.post-77491037987077897412008-03-26T05:34:00.000+05:302008-03-26T05:34:00.000+05:30sabhi hindyugm ke pathkon ko mera namaskar awam pr...sabhi hindyugm ke pathkon ko mera namaskar awam pratikriya ke liye dhanyawad .kavimitrahttp://www.blogger.com/profile/11647260177757411732noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-30371899.post-24276104982027812452008-03-25T15:27:00.000+05:302008-03-25T15:27:00.000+05:30डा. रमा द्विवेदीsaid... राष्ट्रप्रेम की ...डा. रमा द्विवेदीsaid...<BR/><BR/> राष्ट्रप्रेम की सुन्दर अभिव्यक्ति केलिए बधाई एवं शुभकामनाएं.....Ramahttp://www.blogger.com/profile/10010943809475838010noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-30371899.post-33044298608952406422008-03-25T11:06:00.000+05:302008-03-25T11:06:00.000+05:30नागेन्द्र जी,सुन्दर एकता, मैत्री, राष्ट्रप्रेम का ...नागेन्द्र जी,<BR/><BR/>सुन्दर एकता, मैत्री, राष्ट्रप्रेम का सन्देश देती अच्छी रचना है..<BR/><BR/>बहुत बहुत बधाईBhupendra Raghavhttp://www.blogger.com/profile/05953840849591448912noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-30371899.post-66014998387520161132008-03-25T08:36:00.000+05:302008-03-25T08:36:00.000+05:30आओ फिर से गले लगाओ, रहें नहीं गलियाँ सुनसानक्षेत्र...आओ फिर से गले लगाओ, रहें नहीं गलियाँ सुनसान<BR/>क्षेत्रवाद का छोड़ो नारा, बोलो जय जय हिन्दुस्तान<BR/>अच्छी रचनाseema guptahttp://www.blogger.com/profile/02590396195009950310noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-30371899.post-63935613519218505272008-03-25T04:33:00.000+05:302008-03-25T04:33:00.000+05:30सिरफिरे दो-चार यहाँ पर, रहते हैं गद्दार यहाँ परकरत...सिरफिरे दो-चार यहाँ पर, रहते हैं गद्दार यहाँ पर<BR/>करते हैं अपनी मनमानी, मरते हैं कई बार यहाँ पर<BR/>शर्म नहीं आती है उनको, विष बुझी बातें करते हैं<BR/>मगर एकता का है बंधन, सब के सब हकदार यहाँ पर<BR/><BR/>नागेन्द्र जी कविता बहुत सुन्दर और देश भक्ति से<BR/>ओतप्रोत हैHariharhttp://www.blogger.com/profile/07513974099414476605noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-30371899.post-81230478315089620642008-03-25T01:58:00.000+05:302008-03-25T01:58:00.000+05:30हाथ बढ़ाओ साथ मिलेगा, जिसका तुम्हें नहीं अनुमानक्षे...हाथ बढ़ाओ साथ मिलेगा, जिसका तुम्हें नहीं अनुमान<BR/>क्षेत्रवाद का छोड़ो नारा, बोलो जय जय हिन्दुस्तान<BR/><BR/>सही समय पर आयी कविता.<BR/>वर्तमान स्थिति का अच्छा वर्णन किया है और विचार भी सही रखे गए हैं.<BR/>काश ! राज साहब भी इन भावों को समझ पायें.<BR/>--अच्छी रचना है ! बधाई!अल्पना वर्माhttp://www.blogger.com/profile/08360043006024019346noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-30371899.post-33073620662489367092008-03-24T23:37:00.000+05:302008-03-24T23:37:00.000+05:30बहुत ही सुंदर,देश भक्ति से भरी,बहुत बधाईबहुत ही सुंदर,देश भक्ति से भरी,बहुत बधाईmehekhttp://mehhekk.wordpress.com/noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-30371899.post-47817126762054988782008-03-24T22:05:00.000+05:302008-03-24T22:05:00.000+05:30आओ फिर से गले लगाओ, रहें नहीं गलियाँ सुनसानक्षेत्र...आओ फिर से गले लगाओ, रहें नहीं गलियाँ सुनसान<BR/>क्षेत्रवाद का छोड़ो नारा, बोलो जय जय हिन्दुस्तान<BR/>नागेंदर जी अच्छा प्रयास <BR/>थोड़ा सा और करते तो बहुत बेहतरीन कही जा सकती थीanjuhttp://www.blogger.com/profile/05253751080116301279noreply@blogger.com